मणिपुर में 3 लोगों की गोली मारकर हत्या, घाटी के जिलों में फिर से कर्फ्यू लगाया गया

ASHWANI KUMAR
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मणिपुर के थौबल जिले में सोमवार शाम को तीन लोगों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई और पांच अन्य घायल हो गए, जिसके बाद राज्य के पांच घाटी जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हमलावर बंदूकधारियों की अभी पहचान नहीं हो सकी है. बंदूकधारी छद्मवेश में लिलोंग चिंगजाओ क्षेत्र में पहुंचे और स्थानीय लोगों को निशाना बनाकर गोलीबारी की. तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

 

मणिपुर, मणिपुर हिंसा

3 लोगों की गोली मारकर हत्या

हमले के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने तीन चारपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि ये कारें किसकी थीं।

अधिकारियों ने कहा कि सोमवार शाम को मणिपुर के थौबल जिले में तीन लोगों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई और पांच अन्य घायल हो गए, जिसके बाद राज्य के पांच घाटी जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया।

उन्होंने बताया कि बंदूकधारी, जिनकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, छद्मवेशी पोशाक में लिलोंग चिंगजाओ क्षेत्र में पहुंचे और स्थानीय लोगों को निशाना बनाकर गोलीबारी की।

तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हमले के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने तीन चारपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि ये कारें किसकी थीं।

अधिकारियों ने बताया कि ताजा हिंसा के बाद थौबल, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है।

एक वीडियो संदेश में, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने हिंसा की निंदा की और लोगों, विशेषकर लिलोंग के निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने कहा, “पुलिस हमले के पीछे के लोगों को गिरफ्तार करने के लिए काम कर रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।”

3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 180 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई सौ घायल हुए हैं, जब बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किया गया था।

मणिपुर की आबादी में मेइतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नागा और कुकी 40 प्रतिशत से कुछ अधिक हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

manipur news Many people shot dead in Thoubal curfew imposed मणिपुर में 3 लोगों की गोली मारकर हत्या, गुस्साई भीड़ ने गाड़ियों में लगाई आग, कई जिलों में कर्फ्यू

मणिपुर के इन पांच जिलों में फिर ले लगा कर्फ्यू

हमले के बाद गुस्साए भीड़ ने तीन चारपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि कारें किसकी थीं. अधिकारियों ने बताया कि ताजा हिंसा के बाद थौबल, इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया.

क्या बोले सीएम एन बीरेन सिंह?

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक वीडियो संदेश के जरिए हिंसा की निंदा की और लोगों, खासकर लिलोंग के निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए काम कर रही है. उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार सजा दी जाएगी.

3 मई से अब तक मारे गए 180 से ज्यादा लोग

3 मई 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से अब तक 180 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और कई सौ घायल हुए हैं. 3 मई को हिंसा उस समय भकड़ गई थी जब बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किया गया था.

मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 फीसदी है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं. आदिवासी- नगा और कुकी 40 प्रतिशत से कुछ ज्यादा हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं.

 

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